भदोही। नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार के बाद नए सिरे से परिसीमन कराया जा रहा है। वार्ड की सीटों का आरक्षण घोषित करने के लिए वार्डों में आबादी का रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। लेकिन जिस प्रकार से रैपिड सर्वे हो रहा है, उस पर सवाल उठने लगे हैं। नगर के वार्ड नंबर 28 जमुंद मोहल्ले में रैपिड सर्वे पर सवाल उठाने और शिकायत होने के बाद हुई जांच में शिकायतों को सही पाया गया और नए सिरे से रैपिड सर्वे कराने की सिफारिश की गई है। जमुंद वार्ड के रैपिड सर्वे में वार्ड में 70 प्रतिशत सामान्य जाति की आबादी बताई गई थी। इस पर अकील अहमद ने शिकायत करते हुए कहा था कि रैपिड सर्वे की रिपोर्ट उल्टी है। वार्ड में पिछड़ी जाति की आबादी 70 प्रतिशत है। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम, कमिश्नर सहित एसडीएम और आईजीआरएस पोर्टल पर भी की थी। तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति ने शिकायतों की जांच कराने के बाद शिकायतों को सही पाया और आईजीआरएस पोर्टल पर दिए अपनी आख्या में कहा है कि वार्ड में बहुसंख्यक आबादी पिछड़े वर्ग की है। इसलिए यहां पुन: रैपिड सर्वे कराए जाने की आवश्यकता है। उधर शिकायतकर्ता अकील अहमद ने कहा कि लोग घर बैठे रैपिड सर्वे करके रिपोर्ट सौंप दे रहे हैं। बताया कि जमुंद वार्ड में रैपिड सर्वे में पिछड़ी जाति की आबादी 24.76 दर्शायी गई है, जो सच्चाई से उलटी है। कहा कि तहसीलदार की आख्या के आधार पर पुन: रैपिड सर्वे कराया जाना चाहिए।