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आोंनवाड़ी केंद्रों पर धमकी अफसरों की टीम, कई जगह लटका मिला ताला

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ज्ञानपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत ठीक नहीं हैं। केंद्रों का सिर्फ कागजों पर संचालन हो रहा है। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को अफसरों की टीम ने जांच की तो पोल खुल गई। ज्यादातर केंद्रों पर ताला लटक मिला। अधिकारियों ने बंद केंद्रों की जांच रिपोर्ट भेज दी है। गर्भवती महिलाओं, धात्रियों, किशोरियों और बच्चों को पोषणयुक्त आहार देने के लिए जिले में 1494 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। कोरोना काल में दो साल तक केंद्र बंद रहे, लेकिन मार्च में शासन के निर्देश पर केंद्रों का संचालन शुरू किया गया। विभाग की हिदायत के बाद भी कुछ केंद्र को छोड़कर अधिकतर बंद ही रहे। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम आर्यका अखौरी ने दो दर्जन से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों को नामित किया। बृहस्पतिवार को अफसरों की टीम आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंची तो विभागीय पोल-पट्टी खुल गई। निरीक्षण के लिए नामित एनआरएलएम के उपायुक्त श्यामजी ने बताया कि दानूपुर में तीन आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। जिसमें दो बंद मिले और एक पर मात्र पांच बच्चे थे। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अजय सिंह, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव संग अन्य अफसरों की जांच में भी केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं मिली। डीपीओ मंजू वर्मा ने कहा कि अधिकारियों के निरीक्षण में कई केंद्र बंद मिले हैं। ऐसे केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का मानदेय रोककर कार्रवाई की जाएगी।
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