ज्ञानपुर। अरब सागर से उठे चक्रवात ताऊते के प्रहार से कालीन नगरी में भी हाहाकार मच गया। सोमवार की रात से मंगलवार को सुबह तक करीब 12 घंटे रूक-रूककर हुई बारिश और तूफान से सैकड़ो पेड़ और टीनशेड उखड़ गए। शहर से लेकर गांव तक जलजमाव हो गया। इस दौरान खंभे से बिजली के तार टूटने से वहिदानगर समेत कई फीडरों की आपूर्ति सुबह से ठप है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अप्रैल के शुरूआती दिनों से ही मौसम का मिजाज हर रोज बदल रहा है। गुजरे एक सप्ताह से मौसम साफ रहा, लेकिन अरब की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण सोमवार को सुबह से ही जिले का मौसम बदलने लगा। आसमान में बादलों संग धुंध से लोगों की चिंता बढ़ गई। सोमवार की रात करीब आठ बजे तेज हवाओं संग हल्की बारिश शुरू हुई। कुछ समय बारिश रूकी लेकिन देर रात से मंगलवार सुबह आठ बजे तक रूक-रूककर तेज और हल्की बारिश होती रही। जिससे ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, जंगीगंज, सुरियावां समेत अन्य नगरों और ग्रामीण अंचलो में जलजमाव हो गया। सड़कें कीचड़ से सन गई। तेज आंधी के कारण सीतामढ़ी, वहिदानगर, गोपीगंज, जोरईं, सरपतहां, चौरी समेत अन्य क्षेत्रों में 100 से अधिक पेड़ और घरों के टीनशेड उड़ गए। मड़ाई के बाद खेतों में छोड़ा गया भूंसा भी हवा और बारिश से खराब हो गया। आंधी के कारण वहिदानगर, अभोली, सीतामढ़ी फीडर की बिजली आपूर्ति 12 घंटे तक ठप रही। कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि ताऊते के कारण मौसम 20 मई तक नरम रहेगा। आसमान में बादलों संग हल्की बारिश हो सकती है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि बारिश और आंधी से नुकसान हुआ है, लेकिन नर्सरी डालने के लिए किसान खेत तैयार कर सकते हैं।
बाइक और दुपहिया से चलना मुश्किल हो गया है।