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Bhadohi News: टंकियों की लंंबे समय से नहीं हुई सफाई

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ज्ञानपुर। नगरों में टंकियों से घर-घर पहुंचने वाले पानी की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। पेयजल टंकियों की सफाई में लापरवाही बरती जा रही है। एक-एक साल तक पानी की टंकियों की सफाई नहीं हुई है। नगरों के ईओ के अलग-अलग दावे ने भी चिंता बढ़ा दी है। कोई हर महीने, कोई छह महीने तो कोई साल में एक बार सफाई का दावा कर रहे हैं, जबकि हकीकत इससे अलग है।
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जिला मुख्यालय के नगर पंचायत ज्ञानपुर में पानी आपूर्ति के लिए एक, गोपीगंज नगर में चार, भदोही में चार, घोसिया, खमरिया, नई बाजार, सुरियावां में एक से दो पेयजल टंकियां एक से दो दशक पूर्व स्थापित की गई। सातों निकायों में करीब तीन लाख से अधिक की आबादी इस पर निर्भर है। लेकिन इन टंकियों की सफाई को लेकर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। इन टंकियो को कम से कम हर महीने अंदर से सफाई होनी चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं है।
वाराणसी के एक अस्पताल में पेयजल टंकी से मृत युवक का शव मिलने की घटना ने व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। ज्ञानपुर में जीआईसी के सामने स्थित पेयजल टंकी के बाहर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ है, टंकियों की रंगाई पुताई भी लंबे समय से नहीं हुई है। जिससे टंकी के अंदर काई लग गई है। अधिशासी अधिकारियों का दावा है कि समय-समय पर टंकियों की सफाई की जाती है।भदोही पालिका के ईओ जीलाल ने कहा कि दरोपुर, मर्यादपट्टी, कांशीराम और इंदिरा आवास कॉलोनी में टंकी स्थापित है, जिसमें सिर्फ दरोपुर की टंकी से आपूर्ति होती है। कहा कि अब हर वार्ड में सबमर्सिबल पंप लग चुका है, जिससे उन टंकियो की निर्भरता कम हो चुकी है। टंकी की गर्मी में सफाई होती है।
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इनसेट
घरों में आरओ लगवा रहे उपभोक्ता
ज्ञानपुर। पेयजल टंकी से घरों में पहुंचने वाले पानी को लेकर उपभोक्ता भी चिंतित है। यही कारण है कि मध्यम और उच्च वर्गीय परिवारों में आरओ लग चुका है। ज्ञानपुर के वार्ड नौ में करीब-करीब सभी घरों में या तो खुद की आरओ मशीन लगी है या पानी आपूर्ति करने वाली एजेंसियों से प्रतिदिन आरओ का पानी मंगाया जा रहा है।
शुद्ध पानी सेहत के लिए काफी जरूरी है। इससे कई गंभीर बीमारी होने का खतरा रहता है। अशुद्ध पानी के सेवन से दस्त, डायरिया, टाईफाइड जैसी बीमारी हो सकती है। दूषित पानी से किडनी भी प्रभावित होती है।- डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला, चिकित्सक, जिला अस्पताल
पेयजल टंकियों की समय-समय पर सफाई का रोस्टर है। अगर निकायों में सफाई नहीं होती है तो गंभीर मामला है। इसको दिखवाकर सफाई कराया जाएगा। कुंवर विरेंद्र मौर्य, एडीएम
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