डीएम आर्यका अखौरी को लोगों ने प्रार्थनापत्र भेजकर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेता अवधेश उमर, रमाकांत, राजबहादुर आदि ने आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दौर में केंद्र सरकार गरीब रेहड़ी, ठेला और पटरी दुकानदारों का पंजीकरण निकायवार कराकर 10 हजार रुपये का सस्ता ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। नगर पंचायत और डूडा कार्यालय में तैनात कर्मचारी पूर्व में पंजीकृत दुकानदारों को योजना का लाभ न देकर ऐसे दुकानदारों को लाभान्वित कराया जा रहा है जो उसके हकदार नहीं है। विरोध करने पर भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारी फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। मामले की जांच कराकर भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाया जा सका तो विरोध-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।