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तीन दिन बाद खिली धूप, संकट बरकरार

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जिले में तीन दिन से हो रही बारिश शनिवार शाम से थम गई। रविवार को धूप खिली जरूर लेकिन जलजमाव से इलाकों की हालत दयनीय हो गई। पानी की निकासी न होने से उठ रही दुर्गंध से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। ग्रामीण सड़कों की दशा भी काफी खराब हो गई है। मार्गों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। बारिश के सीलन से कई कच्चे घरों में दरारें आ गई हैं, जबकि कई गिर गए। जिले में करीब 10 दिन पूर्व आया मानसून झूमकर बरसा। बृहस्पतिवार से शनिवार तक कभी रूक-रूककर तो कभी तेज बारिश हुई। जिसके कारण सब्जी आदि की फसल जहां नष्ट हो गई वहीं निचले इलाकों की धान की नर्सरी भी सड़ने लगी। तीन दिनों में ही करीब 210 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह पानी भर गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण रुके पानी से अब बदबू आने लगा है। सुरियावां नगर के इंदिरा नगर, नेहरू नगर, शास्त्री नगर, बाईपास मार्ग, मलेपुर में घरों के आसपास दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है। यही हाल ज्ञानपुर, गोपीगंज समेत अन्य बाजारों की रही। ग्रामीण क्षेत्रों की कच्ची सड़कों संग चकरोड भी कीचड़ से सन गए हैं। जिससे उन मार्गों पर चलना भी मुश्किल हो गया है। भदोही के रामरायपुर से महराजगंज को जोड़ने वाला धसकरी मार्ग, प्रजापतिपुर मार्ग पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। जिससे उक्त मार्ग पर दुपहिया, साइकिल से आवागमन ठप हो गया है। राकेश कुमार मौर्य, मनीष कुमार यादव, ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार मौर्य ने जिला प्रशासन से मांग किया कि पानी निकासी की व्यवस्था की जाए। बारिश के सीलन से भिदिउरा गांव में उमरती देवी और धर्मराज मौर्य के कच्चे मकान का बारजा ढहने से उसमें रखा सामान दबकर नष्ट हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसूनी बारिश अभी होगी।
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