ज्ञानपुर। जिले में दो दिनों की बारिश के बाद एक बार फिर से ग्रामीण इलाके की सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। ग्रामीण सड़क पर बने खतरनाक गड्ढों में भरा पानी, कीचड़ आवागमन की मुश्किलें बढ़ा रहा है। इन मार्गों पर पैदल ही नहीं बल्कि साइकिल, मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन चालकों का भी चलना दुश्वार है। जर्जर सड़कें गड्ढा मुक्ति अभियान पर सवाल खड़े कर रही हैं।
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए शासन की ओर से बार-बार अभियान चलाए जाते हैं। शासकीय आदेश के बाद विभागीय अधिकारी केवल प्रमुख सड़कों पर ही ध्यान केन्द्रीत करते हैं। जिससे ग्रामीण इलाकों के संपर्क मार्ग अछूते रह जाते हैं। जिसका नतीजा होता है कि ग्रामीण सड़कों की हाल दिन ब दिन खस्ता होती जाती है। जिले के डीघ, सुरियावां जैसे ब्लॉकों में ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क मार्गों का हालत इतनी खराब हो गई है कि उन मार्गों पर पैदल चलना भी दुश्वार है। जिले में सड़कों का जिम्मा संभाल रही तीन प्रमुख कार्यदायी संस्थाएं पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियंत्रण और जिला पंचायत की नजर भी इन सड़कों पर नहीं पड़ रही है। अमर उजाला की टीम ने जिले के कई इलाकों के सड़कों की पड़ताल की। जहां सड़कों की हालत बद से भी बदतर मिली। पड़ताल में सीतामढ़ी के कटरा बाजार कस्बा, चौरी के पल्हैया-ओदारनाथ घाट, सुरियावां-अभिया, छनौरा-पटटीबेजांव, सूफीनगर-जंगीगंज रेलवे हाल्ट, गोधना मोड़-दरवांसी, नवधन-हाईवे, रामकिशुनपुर बसहीं-नवधन नहर पुल, मैलौना-प्राथमिक विद्यालय सड़क की हालत अत्यंत खराब मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्ग हैं। जिससे हर दिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। जर्जर मार्गों को लेकर कई बार शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप था कि हल्की बारिश होने के बाद ही सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे कई बार गड्ढों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
डीघ ब्लॉक के कटरा बाजार कस्बा मुख्य सड़क का निर्माण पांच वर्ष पूर्व हुआ था। जिला पंचायत की ओर से कराए इस सड़क की हालत काफी खराब हो गई है। यह सड़क घाट की ओर जाने के साथ ही कई बस्तियों को भी जोड़ती है। बारिश से जलमग्न सड़क लोगों के मुसीबत बन गई है।
सुरियावां ब्लॉक के अभिया-सुरियावां और छनौरा-पटटीबेजांव की सड़क छह वर्ष पूर्व लोक निर्माण ने लगभग 40-40 लाख से बनवाया था। निर्माण के कुछ दिन बाद ही दोनों सड़के की हालत बिगड़ गई, जो अब तक नहीं सुधर सकी है। यह दोनों सड़कें प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी से भदोही के अलावा सीमावर्ती इलाकों को जोड़ती है। इस पूरे सड़क पर गड्ढों की भरमार के कारण लोगों का चलना मुश्किल है।
डीघ ब्लाॅक के सूफीनगर से जंगीगंज रेलवे हाल्ट मुख्य सड़क की दूरी दो किमी है। तीन साल पहले यह 10 लाख की लागत से बनायी गई थी, लेकिन इन दिनों सड़कों की हालत ऐसी है कि इस पर पैदल के अलावा वाहन चालकों की भी हालत खराब हो जाती है। दो किमी के इस रोड पर हर रोज आसपास की बस्तियों से जुड़े लोग आते-जाते हैं, लेकिन सड़क की दयनीय स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी सवालिया निशान खड़ी कर रही है।