ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रवेश धांधली को लेकर छात्रों के बाद अब अभिभावक भी चिंतित हैं। कई अभिभावकों को अपने बच्चों के साल का सत्र खराब होने की चिंता सता रही है। हालांकि इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। छात्राें और अभिभावकों को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रवेश के दौरान बड़ी धांधली का मामला चल रहा है। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य अपने चहेतों को प्रवेश देने के लिए मानकों को ताक पर रख दिया। सामान्य और ओबीसी वर्ग में कम नंबर के बाद भी कई विद्यार्थियों का प्रवेश किया गया है। वहीं उनसे अधिक नंबर पाने वाले विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह गए। इसको लेकर बीते 15 दिसंबर को छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। महाविद्यालय में सुनवाई होता न देख विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की। इसकी जांच के लिए डीएम ने डीआईओएस, तहसीलदार और जिला सूचना अधिकारी की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। प्रवेश में धांधली को लेकर विद्यार्थी जहां आक्रोशित हैं। वहीं अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। जंतु विज्ञान में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाली छाया शुक्ला के पिता अरविंद कुमार शुक्ला ने कहा कि मेरिट में उनकी बेटी को 65 फीसदी अंक है, लेकिन उससे नीचे वालों का प्रवेश हो गया है। अब बेटी का सत्र बर्बाद होने का डर सता रहा है। इसी तरह कामर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाली विशाखा दुबे के पिता अनिल दुबे ने भी बेटी का सत्र बर्बाद होने की चिंता जतायी। बताया कि मेरिट में होने के बाद भी उनकी बेटी प्रवेश से वंचित है। जांच के बाद ही न्याय मिल सकेगा। इसी तरह तमाम विद्यार्थी और अभिभावकों को जांच से ही न्याय मिलने की आस है।