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जनजाति का दर्जा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष

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महारानी दुर्गावती के 458 वें बलिदान दिवस पर अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को सदर तहसील परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया । प्रदर्शन के दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से केंद्र सरकार को संबोधित एक मांगपत्र एसडीएम चंद्रशेखर को सौंपा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव महेंद्र कुमार गोंड ने कहा केंद्र सरकार ने प्रदेश के 13 जिले में अनुसूचित जनजाति और 57 जिलों में अनुसूचित जाति के रूप में फैले समाज के लोगों को जनजाति का प्रमाणपत्र जारी करते हुए वीरांगना दुर्गावती की प्रतिमा मुख्यालय पर नहीं लगवाया तो उग्र आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। मुख्य अतिथि रंगलाल गोंड ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो दशक से राजनीतिक दल समाज को लालीपाप का सपना दिखाकर शासन सत्ता सुख ले रहे हैं। लेकिन समाज की दशा अभी तक नहीं बदल सकी। कहा कि इतिहास गवाह है गोंडवाना शासक दलपत शाह की मौत के बाद उनकी इकलौती पुत्री दुर्गावती ने चार वर्ष की उम्र में शासन संभाल कर समाज को एकजुट किया। बताया कि दुर्गावती अकबर जैसे महारथी से सामना कर वीरगति को प्राप्त हुई। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कई साल तक संघर्ष कर गोंड जाति को संविधान में दर्ज कराया बावजूद इसके अधिकारी उपेक्षा करते आ रहे है। आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि उजड़ी बस्तियों में पहुंच कर परिवारों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का वादा भूल चुके हैं। पार्टी समाज को हक-अधिकार की लड़ाई का बिगुल फूंक चुकी है आने वाले दिनों में मेहनत का फल सामने आएगा। मांग किया कि वैश्विक महामारी में रोजगार से वंचित लोगों को रोजगार मिले, गोंड समाज के जनजाति का प्रमाणपत्र, दुर्गावती देवी की प्रतिमा मुख्यालय पर लगे, गोंडवाना पार्क के लिए जमीन आवंटित कराई जाए, महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध पर रोक लगाकर कानून के राज में पीड़ितों को न्याय मिले। इस मौके पर झिंगुरी प्रसाद, सत्यनारायण, रमाशंकर, सुरेंद्र कुमार, रमेश, ज्ञानधर, संजय, अशोक कुमार, नागेश, रंगलाल, लवकुश गोंड आदि रहे।
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