पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर देहाती की टूटी खिड़की। संवाद
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ज्ञानपुर। परिषदीय स्कूलों में शौचालय, साफ-सफाई, बाउंड्रीवाल, दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, श्यामपट्ट, विद्युतीकरण सहित कुल 19 पैरामीटर पर काम कराकर प्राइवेट स्कूलों की बराबरी में लाने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी स्कूलों में काम चल रहा है। बावजूद इसके जिले के 19 फीसदी के करीब स्कूल आज भी ऐसे हैं जहां काम बाकी है। कहीं स्कूलों में खिड़कियां टूटी हैं तो कहीं शौचालय की दरकार है। कई जगह तो काफी समय से काम चल रहा है। सितंबर में ऑपरेशन कायाकल्प की प्रगति रिपोर्ट जारी की गई थी। शासन स्तर से जारी रिपोर्ट में जिले को 50वीं रैंक मिली थी। यानी मंडल में सबसे खराब प्रगति। उसके बाद अधिकारियों ने लगातार बैठक करके काम में तेजी लाने पर जोर दिया। बावजूद इसके अभी तक बहुत ज्यादा प्रगति नहीं हो सकी है। ज्ञानपुर शहर से सटे प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय ज्ञानपुर देहात को खंड शिक्षा अधिकारी ने गोद ले रखा है। यहां की स्थिति यह है कि 250 बच्चों के लिए महज एक शौचालय है। दिव्यांग शौचालय का कोई अता-पता नहीं है। यहां रनिंग वाटर का इंतजाम तो है लेकिन विद्यालय की खिड़कियां टूटी हुई है। यहीं हाल अन्य कई स्कूलों का है। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी मानते हैं कि जिस हिसाब से काम में तेजी आई उस हिसाब से काम समय से पूर्ण कर लिया जाएगा।