ज्ञज्ञनपुर। जिले के थानों में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में 151 प्रार्थना पत्रों में 56 का निस्तारण किया गय। 95 लंबित मामलों में 64 के निस्तारण के लिए संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। 31 प्राथना पत्रों को एक सप्ताह में निस्तारित करने के लिए प्रभारियों को निर्देश दिया गया। डीएम गौरांग राठी कोइरौना थाने पर पहुंचकर लोगों की समस्या सुनी। डीएम के आने की खबर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर पहुंच गए। डीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि उन्हें न्याय मिलेगा।
कोइरौना थाने में डीएम गौरांग राठी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उपस्थित रहकर फरियादियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस, समाधान दिवस, आईजीआरएस सहित अन्य पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की समय-समय पर शासन स्तर से मानीटरिंग की जाती है। इसलिए शिकायतों का समय से निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
एडीएम न्यायिक शिव नारायन सिंह और एएसपी राजेश भारती ने गोपीगंज कोतवाली में शिकायतें सुनी। पुलिस विभाग के मुताबिक शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में कुल 151 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें 56 का निस्तारण किया गया। ऊंज थाने में एसडीएम ज्ञानपुर आकाश कुमार ने शिकायतें सुनी। यहां आया एकमात्र मामला निस्तारित किया गया।
दुर्गागंज थाने में प्रभारी निरीक्षक विनोद दुबे ने 11 प्रार्थना पत्रों में चार का निस्तारण कराया। औराई कोतवाली में उप जिलाधिकारी योगेंद्र साहू की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। यहां कुल 27 मामले आए निस्तारण किसी का भी नहीं हो पाया । सुरियावां थाने में तहसीलदार भदोही विजय यादव और प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह ने समस्याएं सुनी। 15 प्रार्थना पत्रों में छह का निस्तारण किया गया। इस मौके पर आजाद सिंह अमरेश दुबे आदि रहे। चौरी थाने में आए चार मामले में कोई निस्तारित नहीं हो सका। इनसेट
महीनों से काट रहे चक्कर, नहीं मिला न्याय
सुरियावां। थाने पर शनिवार को समाधान दिवस पर पहुंचे अमिलहरा निवासी करिंदा प्रसाद बिंद ने अपना दुखड़ा सुनाया। कहा कि दो महीने से संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। कहा कि उन्हें जमीन आवंटित की गई है। जिस पर वह पूरे परिवार के साथ घर बनाकर रहते हैं। गांव के कुछ मनबढ़ उसे गिरा दिए। अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। छतरीपुर निवासी सुभाष चंद्र ने कहा कि स्थगन आदेश के बाद भी उसकी जमीन पर निर्माण किया जा रहा है। पूर्व में भी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई।