कोरोना को मात देने के लिए जिले में टीकाकरण अभियान को तेज करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत जुदा है। अब तक जिले में मात्र 12 फीसदी लोगों को कोरोना का टीका लग सका है। 16 लाख की आबादी वाले जिले में 1.73 लाख लोगों का टीकाकरण किया गया है। इसमें एक लाख 28 हजार 45 साल से अधिक उम्र और 33 हजार युवा शामिल हैं। पांच हजार से अधिक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मियों संग फ्रंट लाइन वर्कर को भी टीका लग चुका है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की पहली से लेकर दूसरी लहर ने विश्व को हिलाकर रख दिया। कोरोना के लहर का असर कालीन नगरी भी पड़ा है। प्रशासनिक आंकड़ों में करीब 123 से अधिक लोगों की जान कोरोना से गई, जबकि हकीकत में यह संख्या कहीं अधिक रही। कोरोना को मात देने के लिए जनवरी से ही टीकाकरण चल रहा है। करीब छह माह गुजरने के बाद भी मात्र 12 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग सकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले की 16 लाख की आबादी में एक लाख 73 हजार लोगों को वैक्सीन लगी। इसमें आठ हजार से अधिक को दूसरी डोज की खुराक भी मिल चुकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव-गांव शिविर लगाकर कोरोना का टीका लगाया जा रहा है, लेकिन अफवाह के कारण अब भी बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। ऐसे में अगस्त-सितंबर में संभावित तीसरी लहर से पूर्व सभी को टीका लगा पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती होगी। इस संबंध में सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गांव-गांव में शिविर लगाकर वैक्सीन लगाया जा रहा है। विभाग का प्रयास रहेगा कि तीसरी लहर आने से पूर्व 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका लग जाए।