फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महजूदा में 2.75 हेक्टेयर में बनेगी स्मृति वाटिका

विज्ञापन
विज्ञापन
सुरियावां ब्लॉक के महजूदा गांव में 2.75 हेक्टेयर भूमि पर स्मृति वाटिका तैयार होगी। वन विभाग ने इसके लिए जमीन चिह्नित कर लिया है। पौधरोपण के लिए दो हजार से अधिक पौधे वहां पर भेजे गए। इसके अलावा पूर्वजों की ओर से रोपित दो पीपल और एक बरगद को विरासत वृक्ष रूप में चयन किया गया है। जिसका संरक्षण वन विभाग करेगा। प्रभागीय वनाधिकारी आलोक सक्सेना ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड की ओर से हर जिलों में तीन अति प्राचीन वृक्षों को विरासत वृक्ष में चयनित करने के लिए निर्देश दिया गया है। इसमें दो से तीन सौ साल पुराने बरगद और पीपल के वृक्ष का चयन किया जा रहा है। जिसमें पहले विरासत वृक्ष के रूप में सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी के महर्षि वाल्मिकी आश्रम के समीप स्थित बरगद के वृक्ष का चयन हुआ है। मान्यता है कि यहीं पर लव और कुश का जन्म हुआ था। दूसरे विरासत वृक्ष के रूप में खमरिया इलाके के नटवा महाबीर मंदिर पर पीपल और तीसरे में डेरवां भवानीपुर के शीतला माता मंदिर के समीप पीपल वृक्ष शामिल हैं। तीनों वृक्षों की उम्र अनुमानत: तीन सौ साल से अधिक है। वन विभाग उनकी निगरानी और संरक्षण करेगा। उन्होंने बताया कि स्मृति वाटिका के रूप में महजूदा गांव में 2.75 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। वहां पर पौधरोपण के लिए पौधे भेजे जा रह हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें