बाबूसराय के सारीपुर की रामलीला में मंचन करते कलाकार। संवाद
बाबूसराय। बजरंग रामलीला समिति सारीपुर की रामलीला में मारीच, सुबाहु व ताड़का वध के साथ माता अहिल्या के उद्धार की लीला का मंचन किया गया। महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से त्रस्त होकर राजा दशरथ के पास जाते हैं। कहते हैं कि आप अपने पुत्र राम और लक्ष्मण को हमें कुछ दिन के लिए दे दें ताकि मेरे यज्ञ की रक्षा हो सके। गुरु वशिष्ठ के समझाने पर राजा दशरथ राम और लक्ष्मण को उन्हें सौंप देते हैं। श्रीराम पहले ताड़का का संहार करते हैं। इसके बाद मारीच और सुबाहु का भी वध करते हैं। जनकपुरी जाते समय माता अहिल्या का उद्धार करते हैं। जनकपुरी में गुरु विश्वामित्र के आदेश पर दोनों भाई जनक की वाटिका में पूजन के लिए फूल तोड़ते हैं। जहां श्रीराम और माता सीता एक-दूसरे को पहली बार देखते हैं। इस मौके पर अध्यक्ष श्यामधर पाठक, प्रबंधक सुनील पाठक, ओमप्रकाश पाठक, शमशेर बहादुर यादव, अजीत यादव, अभय पाठक आदि रहे।