क्षेत्र के कांवल गांव में मंगलवार को सात दिवसीय श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। काशी से आए मानस मर्मज्ञ पंडित शिवाकांत मिश्रा सरस ने कहा कि श्रीराम कथा इस कलियुग में महामोह रूपी महिषासुर का वध करने के लिए कराल काली के समान है। उन्होंने बताया कि यह संसार ही महामोह रूपी महिषासुर है। कहा कि श्रीराम कथा सबके लिए सुलभ है।उन्होंने कहा कि प्रेम पूर्वक कथा का श्रवण करने से व्यक्ति के जीवन के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं। श्रीराम कथा सबके लिए सुलभ है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। किसी भी जाति, देश या आयु वर्ग के लोग कथा का श्रवण कर सकते हैं। कथा उनके पापों का नाश करती है। श्रीराम कथा भी सबको समान लाभ और अवसर प्रदान करती है, जैसे चंद्रमा की किरणें। उन्होंने कहा कि राम तर्क का विषय नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। जो श्रद्धा और विश्वास से कथा का श्रवण करता है, उसके जन्म-जन्मांतर के पाप दूर हो जाते हैं। यह गंगा में स्नान कर पाप मुक्त होने के समान है। राम कथा उस परम पावन अमृत धारा के समान है, जिसे सुनकर व्यक्ति सुख और शांति प्राप्त करता है। संवाद