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झोलाछाप दंपति को झटका, जमानत खारिज

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ज्ञानपुर। न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की अदालत ने गैर इरादन हत्या के आरोपी झोलाछाप दंपति की जमानत याचिका खारिज कर दिया। प्रसव पीड़िता की मौत के मामले में दोनों कुछ माह पूर्व पुलिस के हत्थे चढ़े थे। उसके बाद से दोनों जेल में हैं। घटना के मुताबिक राजनाथ बिंद निवासी त्रिलोकपुर थाना औराई ने आरोप लगाया था कि उसकी लड़की विमला देवी की शादी कुछ साल पूर्व सुरेंद्र बिंद के साथ हुई। शादी के बाद वह गर्भवती हुई। प्रसव पीड़ा होने पर उसे त्रिलोकपुर स्थित एक क्लीनिक में सात जनवरी 2021 को भर्ती किया गया। जहां पर खुद को चिकित्सक कहने वाले जेपी गुप्ता और उनकी पत्नी अंजू गुप्ता ने उपचार शुरू किया। करीब दो दिनों तक उपचार के बहाने रोके रखा। जब आराम नहीं मिला और हालत खराब हुई तो अन्यत्र ले जाने के लिए कह दिया गया। जहां रास्ते में उसकी बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। करीब पांच से छह महीने तक फरार चल रहे दोनों दंपति को सितबंर में पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी दंपति के जमानत की गुहार लगाई। जिसमें तर्क दिया कि दंपति ने उपचार नहीं किया जबकि उसके मकान में कुछ लोग अस्पताल चलाते हैं। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी ने तर्क दिया कि आरोपियों के खिलाफ विगत दो वर्ष में इस तरह के कई मुकदमें दर्ज हुए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से जो रिपोर्ट आई है उसमें इनके पास कोई प्रमाणपत्र नहीं मिला। न ही किसी अस्पताल का लाइसेंस लिया गया। यह लोग गरीब जनता में मौत बांटने का काम करते हैं। न्यायाधीश आलोक यादव की अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए जमानत पत्र अस्वीकृत कर दिया।
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