ज्ञानपुर। सपा व निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्र की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आयुध अधिनियम में दर्ज मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट सुबोध सिंह की अदालत ने खारिज कर दी। कोर्ट ने पूर्व विधायक की सजा बरकरार रखी है।
दर्जनभर से अधिक मुकदमे में आगरा जेल में बंद पूर्व विधायक विजय मिश्र पर अवैध असलहा रखने के आरोप में 2011 में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी पूर्व विधायक ने असलहा जमा नहीं किया। इस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 17 अक्तूबर 2022 को पूर्व विधायक को धारा 25 के तहत दो साल कैद, 10 हजार जुर्माना और धारा 30 के तहत छह माह कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
फैसले के खिलाफ पूर्व विधायक ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील की थी। वहां से मामले को एमपी/एमएलए कोर्ट भेज दिया गया। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट सुबोध सिंह ने पूर्व विधायक की अपील निरस्त करते हुए सजा को बरकरार रखा है। मामले में अभियोजन की तरफ जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार पांडेय व विनय कुमार बिंद ने पैरवी की।