ज्ञानपुर। नियम विरुद्ध पदोन्नति का लाभ लेने वाले श्री शिवव्रत लाल इंटर कॉलेज राधास्वामी धाम के प्रभारी प्रधानाचार्य सुशील कुमार मिश्र समेत दो प्रवक्ताओं की सेवा को डीआईओएस विकायल भारती ने समाप्त कर दिया। संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने पदोन्नति को अनियमित मानते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया था, जिस पर सख्ती की गई। इसके पूर्व दिसंबर 2023 में सात अन्य तदर्थ शिक्षकों की विभाग ने सेवा समाप्त कर दिया था। विभागीय कार्रवाई से शिक्षकों में खलबली मच गई है।
जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित और 130 से अधिक वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। अनुदानित विद्यालयों में प्रबंधकों ने अपने चहेतों को नियुक्त कर दिया। शुरुआत में विद्यालय स्तर पर और बाद में कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा विभाग की तरफ से तदर्थ शिक्षकों को वेतन मिलने लगा। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से तदर्थ शिक्षकों को सशर्त वेतन जारी कर दिया जाता, लेकिन शर्त यह रही कि माध्यमिक शिक्षा परिषद चयन बोर्ड से यदि कोई शिक्षक आता है, तो तदर्थ शिक्षकों की सेवा स्वत: समाप्त हो जाएगी। कुछ माह पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने टीजीटी परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को ही नौकरी देने का फैसला सुनाया। जिसके बाद विनियमतीकरण न होने वाले नौ शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई थी। दिसंबर में शासन के निर्देश पर सात शिक्षकों की सेवा को समाप्त कर दिया गया था, लेकिन अभिलेखीय जांच पूर्ण न होने पर दो शिक्षकों पर अब कार्रवाई की गई। जिसमें शिवव्रत लाल इंटर कॉलेज राधास्वामी के प्रभारी प्रधानाचार्य सुशील कुमार मिश्र और प्रवक्ता कृपाशंकर पांडेय शामिल रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक विकायल भारती ने बताया कि संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पदोन्नति को अनियमित मानते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया था, जिसके तहत कार्रवाई की गई। उन्होंने प्रभारी प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि चयन बोर्ड से आए वरिष्ठ प्रवक्ता को प्रधानाचार्य का चार्ज दें।