ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायालय ने पाक्सो एक्ट के आरोपी नादिर हसन निवासी फकीरपुर बैदा के मामले की सुनवाई कर उसे 10 वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये से अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वाद दाखिल किया गया था कि 2018 में उनकी नाबालिग भतीजी नादिर हसन की दुकान पर सायं पांच बजे सामान खरीदने गई थी। इस दौरान दुकानदार नादिर अश्लील हरकत करने पर भतीजी रोते हुए घर पहुंची और आपबीती बताई। सूचना पर हंड्रेड डायल पुलिस ने पहुंच कर गिरफ्तार कर गोपीगंज कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद 2019 में पुलिस ने आरोपित के खिलाफ पाक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। इस क्रम में विशेष लोक अभियोजक डा.अश्विनी कुमार मिश्र और बचाव पक्ष की दलीले 29 जुलाई को सुनकर संज्ञेय अपराध पाते हुए अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सभाजीत की अदालत ने आरोपी नादिर हसन को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, 20 हजार रुपये से अर्थदंड की सजा सुनाई।