ज्ञानपुर। राज्यसभा सांसद जया बच्चन की सांसद निधि में धांधली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक साइस्ता शमीम को भी मुख्य विकास अधिकारी यशवंत कुमार सिंह ने हटा दिया। उन्हें डीडीओ कार्यालय से संबद्ध किया गया। चार दिनों में विभाग के एक कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि छह को हटाया गया। विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करीब एक साल से अधिक समय से विवादों में चल रहा है। 2022 में दो जीएसटी नंबर से एक करोड़ से अधिक के भुगतान से शुरू हुआ विवाद अब तक नहीं थम सका है। कई जांच के बाद भी मामला अभी तक सुलझ नहीं सका। अभी हाल में राज्यसभा सांसद जया बच्चन की निधि से होने वाले सवा करोड़ के कार्य के टेंडर में धांधली कर दी गई। जिसके बाद गठित टीम ने जांच शुरू की। मुख्य विकास अधिकारी यशवंत कुमार सिंह ने धांधली और विवाद के बीच विभाग के कर्मचारियों को हटा दिया है। शुरूआत में आपरेटर की सेवा समाप्त की गई तो एक कर्मी को पीड़ी कार्यालय से संबद्ध किया गया। उसके बाद मंगलवार को सीडीओ ने वाहन चालक घनश्याम वर्मा, पत्रवाहक पारसनाथ पटेल, वसीम अकरम और त्रिलोकीनाथ को डीडीओ कार्यालय संबद्ध किया। अब वहां की वरिष्ठ सहायक शाइस्ता शमीम को डीडीओ कार्यालय भेज दिया।