आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने जल निकासी वाले स्थान को बांध दिया है। इससे बारिश में उनके घरों में पानी भर जाता है।
गांव के शेषमणि मौर्य ने कहा कि गांव के कुछ लोगों ने तालाब की जमीन पर पट्टा करा लिया था। एसडीएम ने जांच करने के बाद पट्टा को निरस्त कर दिया।
उक्त तालाब की जमीन पर निर्माण होने से गांव से निकलने वाला पानी रास्ते में ही रोक दिया जा रहा है। इससे बारिश में गांव में पानी जमा हो जाता है।
विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्रक देने के बाद भी जलनिकासी की सुविधा नहीं की गई। जिलाधिकारी से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में संतोष कुमार, बेनी शंकर, विश्राम मौर्य, धर्मराज यादव, मुकुल लाल, सत्य नारायण, कैलाश यादव आदि रहे।