ज्ञानपुर। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बुधवार को पीएमजीएसवाई से बनी दो सड़कों का निरीक्षण किया। सड़क को खुदवाकर गुणवत्ता की जांच की। दोनों सड़कों की गुणवत्ता सही न मिलने पर जेई पर 45 हजार का जुर्माना लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा। औराई और माधोसिंह चौराहे पर हुए अतिक्रमण को जल्द समाप्त करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
बुधवार को दोपहर में जिलाधिकारी गौरांग राठी के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसबी राव और पीएमजीएसवाई अख्तर अंसारी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत निर्मित सिंहपुर-चकवॉ नहर पटरी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान बीच में गाड़ी रूकवाकर सड़क को खुदवाकर गुणवत्ता व फिटनेस परीक्षण किया। चकवा महावीर प्रवेश द्वार के पास चौराहे पर सड़क क्रेक मिलने पर डीएम ने जेई पर 25 हजार जुर्माना लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा। ग्रामीणों की शिकायत को स्वत: संज्ञान लेते हुए डीएम ने दुर्गागंज-कुढ़वा मार्ग बनाने वाले जेई पर भी 20 हजार का जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने बताया कि उक्त मार्ग पर भारी वाहन चलने से समस्या होती है। जिस पर डीएम ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम औराई चौराहा और माधोसिंह में निरीक्षण किया। दोनों स्थानों पर पुलिस को रोड से अतिक्रमण हटाने, रेहड़ी, पटरी और गुमटियों को पीछे करने का निर्देश दिया।
सत्यापन के नाम पर होती है खानापूर्ति : ज्ञानपुर। करोड़ों की सड़कों के निर्माण में अवर अभियंताओं और ठेकेदारों के गठबंधन के आगे मानक दरकिनार हो जाता है। उच्चाधिकारी भले ही दिशा-निर्देश देते रहे, लेकिन भुगतान से पूर्व अवर अभियंताओं की रिपोर्ट ही मुख्य होती है। उक्त सत्यापन में सबकुछ ओके कराने के लिए ठेकेदार अवर अभियंताओं की गणेश परिक्रमा करते रहते हैं। तालमेल सेट होने पर गुणवत्ताविहीन सड़कें भी ओके कर दी जाती है। बुधवार को डीएम के निरीक्षण में उसकी पोल पट्टी खुल गई। दूसरी सड़कों की जांच हो तो व्यापक स्तर पर गड़बड़ी सामने आ सकती है।