- केएनपीजी कॉलेज के पुस्तकालय का नहीं हुआ ऑटोमेशन, पीडब्लयू बिल्डिंग को करा दिया बंद, प्राचार्य ने जांच कर उच्च शिक्षा सचिव को भेजी फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। शिक्षा के मंदिर काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में घपलेबाजी का मामला सामने आया है। महाविद्यालय की सैकड़ों साल पुराने पुस्तकालय के ऑटोमेशन के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से प्राप्त हुए 36 लाख रुपये जिम्मेदार हजम कर गए। पीडब्ल्यूडी विभाग बिल्डिंग को अनुपयोगी घोषित कर बंद कर दिया है। पुस्तकालय में पुस्तकाें को दीमक चाट रहे है। प्राचार्य के अनुसार शासन के निर्देश पर जांच कर उसकी फाइल प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को भेज दी गई है।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूरे जिले में उच्च शिक्षा का सबसे बड़ा केन्द्र है। यहां की सालों पुरानी पुस्तकालय में लाखों पुस्तकें हैं, लेकिन अफसोस की इन पुस्तकों का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पाता है। महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे के कार्यकाल में पुस्तकालय के ऑटोमेशन के लिए 36 लाख रुपये रूसा के तहत प्राप्त हुए थे। इसमें पुस्तकालय की किताबों को ऑनलाइन किया जाना था, लेकिन अब तक उसका कोई काम नहीं हो सका है। जारी बजट का बंदबाट हो गया। पुस्तकालय में रखी हजारों को पुस्तकों को दीमक चट कर रहे हैं। जिसके बाद से ही पुस्तकालय में ताला लटका हुआ है। रूसा से प्राप्त पैसों के हिसाब का जवाब किसी के पास नहीं है। हालांकि मामले की शिकायत उच्च शिक्षा सचिव से की गई है। प्राचार्य डॉ. रमेश चन्द्र यादव ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद रूसा से प्राप्त पैसों से हुए कार्यों को लेकर जांच पूरी कर ली गई है और उसकी रिपोर्ट उच्च शिक्षा सचिव के पास भेज दी गई है।