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Bhadohi News: महिलाओं के साथ भेदभाव दूर करने की शुरुआत हो घर से

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ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को समाजशास्त्र एवं मनो विज्ञान विभाग की ओर से एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जेंडर, जस्टिस एंड सोसायटी पर आयोजित सेमिनार में न्यायिक अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
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मुख्य अतिथि एडीजे पाॅक्सो कोर्ट श्रीमती मधु डोगरा ने जेंडर के परिप्रेक्ष्य को समझाया और बताया कि समाज में महिलाओं के साथ भेदभाव के उन्मूलन की शुरुआत घर से होनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए पाॅक्सो एक्ट तथा अन्य कानूनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन को विस्तार से समझाया। विशिष्ट अतिथि सिविल जज आरिफ अहमद अंसारी ने जेंडर, जस्टिस और सोसाइटी विषय को संविधान के आर्टिकल 14, 15, और 16 का उल्लेख करते हुए समझाया। माननीय उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला केस का उदाहरण देते हुए बताया कि अदालतें भी कानूनों की व्याख्या एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन में हमेशा इस तथ्य का ध्यान रखती हैं कि महिलाओं के हितों और अधिकारों को संरक्षित किया जाए। पीड़ित अथवा पीड़िता को त्वरित न्याय मिले।
विशिष्ट अतिथि सिविल जज सीनियर डिवीजन साधना गिरी ने प्रश्नोत्तर-सत्र में सभी छात्र-छात्राओं के प्रश्नों और जिज्ञासाओं को शांत किया । महाविद्यालय में एक ही मंच पर तीन न्यायाधीशों के आगमन से विद्यार्थियों में उत्साह दिखा। इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित एवं सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्राचार्य डॉ. डोंगरे ने आमंत्रित अतिथियों का वैज अलंकरण, माल्यार्पण, प्रशस्ति पत्र तथा मोमेंटो भेंट कर अभिनंदन किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सिमी आजम और संचालन डॉ. सूर्यनाथ खरवार ने किया।
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