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क्रांति के नायक के बलिदान को किया याद

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ज्ञानपुर। 1857 क्रांति के नायक मंगल पांडेय की जयंती मंगलवार को कई स्थानों पर मनाई गई। संगठनों संग शिक्षण संस्थानों में उनके बलिदान को याद कर नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश और धर्म के लिए उन्होंने क्रांति का बिगुल फूंका। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर में शहीद मंगल पांडेय जयंती समारोह पर बीएड विभाग की डॉ. मोनिका सरोज की ओर से निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 35 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जिसमें निर्णायक मंडल ने उपासना जायसवाल को प्रथम, नंदनी मिश्रा को द्वितीय, शेफाली श्रीवास्तव को तृतीय स्थान दिया। इस मौके पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव, डॉ. कामिनी वर्मा, संतोष आर्या, सुधीर रंजन, नीलम, दीप्ति आदि रहीं। ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर के समीप स्थित शहीद पार्क में बर्फानी ग्रुप के पदाधिकारियों ने मंगल पांडेय की जयंती मनाई। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाने वाले मंगल पांडेय की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर ब्रह्मा मोदनवाल, राकेश देववंशी, महेंद्र मिस्त्री, राजकुमार राय, विक्की, गोल्डी पाठक आदि रहे। जंगीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, डीघ ब्लॉक के बेरवा पहाड़पुर स्थित श्री हीरानंद पांडेय इंटर कॉलेज में हीरानंद सेवा समिति और इंडियन आयल की ओर से मंगल पांडेय की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि देश धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए मंगल पांडेय ने आजादी की प्रथम क्रांति का बिगुल फूंका था। जिस आजादी के लड़ाई की नींव 1857 में रखी थी वह 1947 में देश को मिली। उस आजादी को संरक्षित करने का दायित्व आज की युवा पीढ़ी को है। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय रहे। इस मौके पर लोलारखनाथ, त्रयंबकनाथ, डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह, विष्णु पांडेय, हंसराज सिंह, अखिलेश पांडेय, अरविंद पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, बालकृष्ण, श्याम कुमार, फूलचंद, लालजी गौतम आदि रहे।
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