क्षेत्र के गड़बड़ा शीतला धाम में भगवान परशुराम अखाड़ा प्रयागराज व गड़बड़ा धाम ग्राम समिति के तत्वावधान में आयोजित शतचंडी महायज्ञ व रामकथा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दाैरान कथावाचक धीरज द्विवेदी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने भगवान होते हुए भी पिता के वचनों का पालन करते हुए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक मूल्यों का संदेश देता है। इस अवसर पर पूर्व प्रधान शिव गरुड़ तिवारी, कृष्णा दूबे, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानेश्वर दूबे, रविशंकर तिवारी, दिनेश तिवारी उपस्थित रहे। संवाद