ज्ञानपुर ब्लॉक के पिलखुना गांव में आयोजित कथावाचक आचार्य विश्व मोहन ठाकुर ने राम जन्म की कथा सुनाई। बताया कि राम के आदर्शों के कारण ही हमारी सनातन संस्कृति को मिली ऊंचाई। कथा सुनाते हुए बताया कि एक बार राजा दशरथ सिंहासन पर बैठे हुए थे। उन्होंने शीशे में अपना मुंह देखा तो कान के पास बाल सफेद हो रहे थे। जिसको लेकर उन्हें अपने राज्य की चिंता सताने लगी। संतान प्राप्ति की इच्छा को लेकर वे गुरुदेव वशिष्ठ के यहां गए। जहां उन्होंने अपने दुख का कारण बताया। गुरुदेव ने राजा को सांत्वना दी। बताया कि राजन एक नहीं आपको चार-चार पुत्र होंगे और सभी सभी प्रकार के गुणों से संपन्न होंगे। ईश्वर की कृपा से उन्हें राम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न चार पुत्र पैदा हुए। इसमें राम सबसे बड़े थे, जो आगे चलकर के मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान कहलाए। जिनके आदर्शों पर हमारा देश सनातन संस्कृत आगे बढ़ रही है। मौके पर लाल बिहारी तिवारी, जनार्दन शुक्ला, तारकेश्वर शुक्ला, संजय मिश्रा, बृजेश तिवारी, राकेश तिवारी, सोनू तिवारी, सुशील तिवारी, जगदीश चौबे, जयप्रकाश चौबे, संजय चौबे आदि रहे।