ज्ञानपुर। मानसून की बेरुखी का सीधा असर इस वर्ष धान की खेती पर पड़ रहा है। जून और जुलाई की औसत वर्षा 391.1 मिमी के मुकाबले इस साल इस अवधि में अब तक 34 फीसदी कम बारिश हुई है। ऐसे में धान की रोपाई भी करीब 12 फीसदी तक नहीं हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान अब रोपाई करेंगे तो भी धान के उत्पादन में 15 फीसदी तक का असर पड़ सकता है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 141 फीसदी कम बारिश हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आंकड़े के हिसाब से भी देखें तो 16 मिमी रोज बारिश होगी तब जाकर डेढ़ महीने में औसत बारिश का आंकड़ा हासिल होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां में स्थित मौसम विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो जून और जुलाई को मिलाकर 391.1 मिमी बारिश हो तो औसत वर्षा मानी जाती है। लेकिन इस वर्ष जून के महीने में 75.5 मिमी और जुलाई के महीने में मात्र 180.5 मिमी ही बारिश हुई। यानी मानसून सत्र के डेढ़ महीने में कुल 256 मिमी बारिश हुई है जो औसत वर्षा का करीब 66 फीसदी है। बात करें पिछले वर्ष की तो इसी डेढ़ महीने के भीतर 618 मिमी बारिश हुई थी। यानी पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष तो करीब 141 फीसदी कम वर्षा हुई है। जिले में जून से लेकर 15 सितंबर तक यानी मानसून सत्र की औसत बारिश 966 मिमी मानी जाती है।