ज्ञानपुर/ औराई। जिले में रविवार की शाम एक बार फिर तेज बारिश हुई। घंटों बारिश के कारण कई जगहों पर पानी जमा हो गया। वहीं डीघ ब्लॉक के दर्जनों गांवों में ओले भी पड़े। बारिश के साथ ओले ने किसानों की फसल को चौपट कर दिया। शनिवार को हुई बरसात के चलते लहलहा रही गेहूं, सरसों की फसल प्रभावित हुई थी। रही सही कसर रविवार की शाम हुई बारिश के साथ ओले ने पूरी दी। रविवार डीघ और औराई ब्लॉक के सुजातपुर, धनापुर, कौलापुर, जंगीगंज सहित दर्जन भर से अधिक गांवों में आधे घंटे तक ओले पड़ते रहे। इससे खेतों में खड़ी फसल चौपट हो गई। जिले में 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। दो दिनों में 19 एमएम बारिश दर्ज की गई। रविवार की दोपहर में मौसम साफ रहा, लेकिन शाम होते-होते हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए। देर शाम जिले के कई इलाकों में तेज बारिश होने लगी। कई इलाकों में ओलावृष्टि होने से किसानों की फसल चौपट हो गई। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बारिश के कारण किसानों की फसल को जितना नुकसान नहीं हुआ है, उससे अधिक ओलावृष्टि से होगा। कृषि केंद्र बेजवां के मौसम विभाग के सर्वेश बरनवाल ने बताया कि 21 मार्च तक बादलयुक्त मौसम के साथ बारिश की स्थित बनी रहेगी। इस दौरान किसान सावधानी बरतें। कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बारिश के साथ ओलावृष्टि होने के कारण चना, मटर, सरसों, गेंहू सहित आम की फसलों को नुकसान होगा। खेत में खड़ी फसलें गिर जाएगी। आम के बौर भी गिरेंगे। उन्होंने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी और जो फसल बची है, उसे सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए कहा। कहा कि जिस कटी फसल पर पानी पड़ गया है, उसे धूप दिखाएं, जिससे नुकसान की आशंका कम रहेगी।
ज्ञानपुर। थाना क्षेत्र के जाठीनेवादा गांव में शनिवार की शाम पांच बजे बिजली गिरने से तारकेश्वर (28) की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को सुबह लगभग आठ बजे सरपतहां स्थित पोस्टमार्टम हाउस शव भेज दिया, जहां चिकित्सक की उदासीनता के चलते सात घंटे तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसकी सूचना जब सीएमओ डॉ. एसके चक को हुई तो उन्होंने चिकित्सक को निर्देश दिया। इसके बाद नामित चिकित्सक पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। परिजनों ने बताया कि तारकेश्वर मूलत: इटवां-औराई के निवासी थे। शनिवार को अपने फूफा विजय शंकर गौतम निवासी जाठीनेवादा के घर आया हुआ था। सायंकाल बारिश शुरू हो गई और तेज आवाज के साथ गिरी बिजली की चपेट में आकर उसने दम तोड़ दिया। इटवां निवासी मुन्नीलाल ने बताया कि पुत्र तारकेश्वर ही उनके जीवन का सहारा था, वह भी छिन गया। सात घंटे से पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े रहे, लेकिन चिकित्सक का पता नहीं रहा। सीएमओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर नामित चिकित्सक को भेजकर पोस्टमार्टम कराते हुए शव परिजनों को सौंप दिया गया है।