ज्ञानपुर। औराई के त्रिलोकपुर नहरा स्थित गुप्ता क्लीनिक के चिकित्सक की लापरवाही से नवजात की मौत के बाद एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इस क्लीनिक में लापरवाही से मौत का यह चौथा मामला है। इसके बाद भी एक ही क्लीनिक को बार-बार लाइसेंस जारी किया जाना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। हर बार नाम बदलकर लाइसेंस लेना और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बिना भौतिक सत्यापन के ही लाइसेंस जारी कर विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। औराई के त्रिलोकपुर नहरा स्थित गुप्ता पाली क्लीनिक के चिकित्सक की लापरवाही से बृहस्पतिवार को नवजात की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले क्लीनिक पर दीक्षितपुर चकौड़ा गांव निवासी शिवम पाल की पत्नी पम्मी पाल (25) का प्रसव हुआ था। चिकित्सकों की लापरवाही से उसकी तबीयत बिगड़ गई तो उसे उसके बगल स्थित एक अन्य क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। दो माह पहले ही यहां एक महिला की लापरवाही से इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उस दौरान संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ अस्पताल को सीज कर दिया गया था। उसके बाद उसी अस्पताल को दूसरे नाम से लाइसेंस लेकर जारी कर दिया गया। इसके पहले भी यहां दो नवजातों की मौत हो चुकी है। हर बार कार्रवाई के नाम पर उसे बंद कराया जाता है लेकिन नया लाइसेंस लेकर चालू करा दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल का भौतिक सत्यापन किए बिना ही लाइसेंस जारी कर देना और बार-बार मौत होना, विभागीय भ्रष्टाचार को उजाकर कर रहा है। सीएचओ डॉ. एसके चक ने बताया कि लाइसेंस ऑनलाइन लिया जाता है। ऐसे में अगर नया नाम से लाइसेंस लिया जाता है तो वह पता नहीं चल पाता। मामले में संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी।