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मानसिक रोगियों को गांव गिरांव में ढूंढेंगे प्रधान जी

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ज्ञानपुर। कालीन नगरी में मानसिक अवसाद के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मानसिक रोग से ग्रसित मरीजों को खोजने का काम ग्राम प्रधानों और लोकल संस्थाओं के जिम्मे दिया गया है। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिया है। अमूमन देखा जाता है कि लोग मानसिक बीमारी से ग्रसित रहते हैं और दवा लेने नहीं जाते हैं। कोरोना काल के बाद से अधिकांश बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं, बच्चों में सबसे ज्यादा समय तक मोबाइल देखने की लत लग रही है। ऐसे में परिवार के लोग बच्चे को डांटते-फटकारते हैं, लेकिन उन्हें नहीं मालूम की उनका बच्चा मानसिक रोग से पीडि़त है। जिसे उपचार और मोटिवेशन की जरूरत है। अब मानसिक रोगियों को गांव गिरांव ढूंढने का काम ग्राम प्रधान और स्थानीय संस्था द्वारा किया जाएगा। साथ ही मानसिक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया जाएगा। मानसिक बीमारी को कोई छुपाए नहीं बल्कि उसका उपचार करवाए। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस तरह का दिशा निर्देश आया है। उसका पूरा प्रारूप किस तरह से सुनिश्चित किया जाएगा अभी यह निश्चित नहीं है। बदलते जीवन शैली के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोग बहुत ही चिंतित रहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु ग्राम प्रधानों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इसके लिए विभाग द्वारा एक लिखित पत्र ग्राम प्रधान को भेजा जाएगा। मानसिक रोगों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकांश लोग मानसिक बीमारी से पीडि़त रहते हैं फिर भी उपचार के लिए नहीं जाते हैं। जबकि विभाग द्वारा ऐसे मरीजों को खोजने काम किया जाता है। बीमारी के बारे में लोग बताते ही नहीं है, इसलिए अब ग्राम प्रधानों का सहारा लिया जाएगा। शांति कुमार, सोशल वर्कर मनोचिकित्सक
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