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Bhadohi News: तमाम सड़कों के गड्ढे जस के तस

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ज्ञानपुर। दो मियाद पूरी होने के बाद भी जिले की सड़कें पूरी तरह से गड्ढा मुक्त नहीं हो पाई हैं। जिले में दर्जनों ऐसी सड़कें हैं, जिन पर गड्ढों के साथ बिखरी गिट्टियां लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। ग्रामीण क्षेत्र से लेकर मुख्य बाजार और स्टेशन, हाल्ट की सड़कों पर आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। गड्ढामुक्ति अभियान के लिए दो बार समय सीमा बढ़ाई गई, लेकिन उसका जितना लाभ मिलना चाहिए, नहीं मिला। कई सड़कें तो दुरुस्त हो गई, लेकिन अब भी दर्जनों सड़कें दयनीय हैं। सड़कों पर इधर-उधर बिखरी गिट्टियां और बड़े-बड़े गड्ढे लोगों की मुश्किलों को बढ़ा रहे हैं। पीडब्लयूडी अधिकारियों की अनदेखी स्थानीय लोगों पर भारी पड़ रही है। जिले की जिन सड़कों की हालत सबसे अधिक खराब है, उसमें कीर्तिपुर से खेमापुर, अभिया-चकजीतरायपुर, गोधना मोड़ हाईवे से जंगीगंज रेलवे हाल्ट, सूफीनगर से मैलौना, नवधन नहर पुल से रामकिशनपुर-बसहीं, उगापुर से औरंगाबाद, जंगीगंज-धनतुलसी मुख्य सड़क से शिवनाथपट्टी जाने वाली सड़क लामिल है। ये ऐसी सड़कें हैं, जिस पर हर दिन बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने बताया कि नये वित्तीय वर्ष में इन सड़कों को चिह्नित कर गड्ढामुक्ति अभियान में शामिल किया जाएगा और इसकी कार्य योजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने पर सड़कों की मरम्मत की जाएगी। सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी भी भारी पड़ रही है। आलम यह है कि चार से पांच साल पूर्व बनी सड़कें चलने लायक नहीं रहीं। मोढ़ और सुरियावां क्षेत्र के राजकुमार सिंह, गुलाब यादव, प्यारेलाल पाल, हीरा सिंह, लालचंद्र सिंह, बब्बू दुबे, महेंद्र सिंह, धीरज सिंह, श्रीप्रकाश सिंह, सुनील सिंह, विनोद, प्रमोद सिंह, मुकेश सिंह, शेरा सिंह ने कहा कि मानकों की अनदेखी न हो तो सड़कें इतनी जल्दी खराब न हों। कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है।
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