जिलाधिकारी विशाल सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्राप्तांक और ग्रेडिंग के आधार पर विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें कुल 73 कार्यक्रमों की ग्रेडिंग में ए प्लस 44, ए में 2, बी और सी-6, ई में 3 विभाग शामिल रहे। सी, डी और ई श्रेणी में आने वाले विभागों के खिलाफ डीएम ने नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई। आगामी बैठक में सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
अगस्त माह की समीक्षा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से सड़क निर्माण, समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, लोक निर्माण विभाग में सड़कों का अनुरक्षण, ग्राम विकास विभाग में एनआरएलएम, बैंक क्रेडिट लिंकेज, पर्यटन विभाग की राज्य योजना में प्रदर्शन खराब होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार, उद्यान विभाग में ड्रॉप मोर क्रॉप माईक्रो इरीगेंशन सिंचाई, पंचायती राज विभाग में स्वच्छ भारत मिशन फेज-2, 15वां वित्त आयोग ग्राम पंचायत, 5वां राज्य वित्त आयोग ग्राम पंचायत, एसबीएम ग्रामीण फेज-2 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान, लोक निर्माण विभाग में सेतुओं के निर्माण में विगत माह की खराब प्रगति के सापेक्ष वर्तमान माह में सुधार मिला।
डीएम ने प्रभारी वनाधिकारी को निर्देशित किया कि शेष विभागों से रोपित पौधों का जियो टैग सत्यापन शत-प्रतिशत कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने आगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए डीपीओ को निर्देश दिया। इस मौके पर सीडीओ डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण जैनूराम, सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक, डीएसटीओ शशिकांत, डीडी कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा राजाराम, पीडी, आदित्य कुमार, डीडीओ ज्ञान प्रकाश, बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह, डीआईओएस अंशुमान आदि रहे।