ज्ञानपुर/दुर्गागंज। मार्च से शुरु गर्मी का असर अब तेज होने लगा है। इससे जिले के कई तालाब सूख गए हैं। नहर विभाग ने बीते दिनों 95 किलोमीटर वाले मुख्य नहर प्रखंड में पूर्ण क्षमता से पानी छोड़ दिया है, लेकिन पानी अभी तालाब व अन्य जलाशयों में नहीं पहुंच सका है।
राजस्व मामलों के जानकार निर्भय सिंह निवासी दरवांसी ने बताया कि प्रति वर्ष की गर्मी में तालाबों को नहर और राजकीय नलकूपों से भरवाने की व्यवस्था अब तक हो जाती रही है, लेकिन इस वर्ष की रणनीति समझ में नहीं आ सकी। किसान आनंद सिंह ने बताया कि तहसील ज्ञानपुर सदर, भदोही, औराई को मिलाकर तीन हजार से अधिक तालाब राजस्व रिकार्ड में दर्ज हैं। कई तालाबों का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। ऐसे में जो जलाशय बचे हैं उनमें पानी नहीं है। अभोली के दुर्गागंज निवासी रामचंद्र बिंद ने बताया कि तालाबों में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण को शुद्ध रखने का भरसक प्रयास होता है। जिसका असर अब तक नहीं दिख रहा। तीनों तहसील के छह ब्लाकों से 10-15 तालाब अमृत सरोवर में भी शामिल हो चुके हैं। इसके बावजूद किसी तालाब में पानी नहीं है। औराई तहसील के जयरामपुर निवासी किसान और पशुपालक अमर बहादुर ने बताया कि तहसील और ब्लाक क्षेत्र के राजस्व गांव नलकूप, मुख्य नहर, राजवाहा, माइनरों से जुड़े हैं 10 वर्ष पूर्व नालियों का जाल बिछाया गया। लेकिन लापरवाही हो रही है। किसान किशोरीलाल ने बताया कि नाली में सुधार किया जाना चाहिए और जो तालाब सूख गये हैं उनमें पानी चाहिए।
ज्ञानपुर। अधिशासी अभियंता नहर पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि गर्मी बढ़ने के कारण ही उन्होंने 25 अप्रैल को ही मुख्य नहर में तीन पंप चलवाकर पानी छोड़वा दिया है। पानी की कमी होने पर चौथा पंप भी चलवाया जा सकेगा। नहर के पानी का भरपूर उपयोग पंचायती राज विभाग तालाबों को भरवाने में कर सकता है।