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सुनवाई के दौरान नहीं पहुंची पांच थाने की पुलिस

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ज्ञानपुर। महिलाओं को स्वस्थ और सामाजिक माहौल देने के उद्देश्य से बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य उषा रानी ने जनसुनवाई की। इसमें पांच थाने की पुलिस के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही। कार्यक्रम में कुल 31 मामले आए, जिसमें से छह मामलों का निस्तारण कराकर शेष को संबंधित विभाग, थाना पुलिस को सौंप समय सीमा में निस्तारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए इस तरह की सुनवाई पर जोर दे रही है। किसी भी विभाग में महिलाओं से संबंधित मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से दो पीड़िताओं को प्रमाण पत्र देकर तीन लाख रुपये खाते में हस्तांतरित कराए। इस मौके पर सीओ औराई रामलखन मिश्रा, प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार यादव, डीआईओएस एनएल गुप्ता, वन टॉप सेंटर से शिल्पी शुक्ला, उप निरीक्षक सदर पूजा कौर, महिला थाना उप निरीक्षक मक्खनलाल, राजकुमार गुप्ता, विवेक गुप्ता, गोपाल कृष्ण यादव, कुणाल गुप्ता, सुनीता यादव, छाया शर्मा, संध्या पांडेय, मनीषा द्विवेदी आदि रहे। प्रत्येक माह के दूसरे सप्ताह होने वाली महिला जनसुनवाई में फरियादियों की बढ़ रही संख्या और पीड़ा सुनकर राज्य महिला आयोग की सदस्य ने चिंता जताई। फरियाद सुनाते समय पीड़िताओं के आंसू पोंछ कर न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया। कोइरौना थाना क्षेत्र के एक गांव से आई पीड़िता ने शिकायत की कि तीन वर्ष पूर्व हुई शादी के बाद से पति का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। मायके पक्ष के सुलह-समझौता कराकर जीवन व्यवस्थित कराने के प्रयास विफल हो चुके हैं। गोपीगंज कोतवाली के एक गांव निवासी महिला ने तीसरी बार शिकायत दर्ज कराते हुए पीड़ा सुनाई तो महिला आयोग की सदस्य ने मामले में पुलिस को सख्ती दिखाकर पीड़िता को न्याय दिलाने का निर्देश दिया। कोइरौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दिव्यांग ने दूसरी बार आरोप पत्र देकर कहा कि बहन के साथ हुई अश्लीलता में पुलिस का रोल न्याय नहीं दे सका है और आरोपित बचते जा रहे हैं। मामले में वनटाप सेंटर से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई। इसी क्रम में चार अन्य महिलाओं ने भूमि से संबंधित प्रार्थनापत्र देकर विपक्षियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर उषारानी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई के लिए कहा।
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