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पुलिस को झटकाः पूर्व विधायक विजय मिश्र के बेटे की नहीं मिली रिमांड, न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

Thu, 28 Jul 2022 06:40 PM IST
उत्पल कांत संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही

सार

सामूहिक दुष्कर्म और संपत्ति हड़पने के मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्र के पुत्र विष्णु की  अलग-अलग कोर्ट में करीब दो घंटे से अधिक समय तक पेशी हुई। 
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विष्णु मिश्र को एसटीएफ ने कोर्ट में पेश किया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 पूर्व विधायक विजय मिश्र का बेटा और दुष्कर्म सहित एक लाख के इनामी घोषित विष्णु मिश्र को एसटीएफ ने कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को कोर्ट में पेश किया। सामूहिक दुष्कर्म और संपत्ति हड़पने के मामले में अलग-अलग कोर्ट में करीब दो घंटे से अधिक समय तक पेशी हुई। पुलिस ने कोर्ट से उसकी रिमांड मांगी लेकिन नहीं मिल सकी। अदालत ने विष्णु को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सुनवाई की अगली तारीख 12 अगस्त तय की गई। 

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ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र के बेटे विष्णु मिश्र पर दुष्कर्म सहित संपत्ति हड़पने के मामले दर्ज हैं। वाराणसी एसटीएफ ने बुधवार की रात करीब नौ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच भदोही लेकर पहुंची। यहां के गोपीगंज थाने में उसकी आमद कराई गई। गुरुवार दोपहर उसे रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के मामले में एसीजेएम साधना गिरी और दुष्कर्म के मामले में सीजेएम सबीहा खातून की अदालत में पेश किया गया। आरोपी पक्ष अधिवक्ता आनंद शुक्ला ने बताया कि न्यायालय ने विष्णु मिश्र को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अभियोजक विजय कुमार श्रीवास्तव रहे। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर से लेकर अंदर तक गहमागहमी रही। उसे रविवार को एसटीएफ वाराणसी की टीम ने पुणे के हड़पसर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। बताते चलें कि पूर्व विधायक विजय मिश्र के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने वर्ष 2020 में गोपीगंज थाने में तहरीर देकर विजय मिश्र, उनके पुत्र विष्णु मिश्र सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था। उसी साल सितंबर में वाराणसी की एक गायिका ने पूर्व विधायक, उनके पुत्र विष्णु मिश्र व पौत्र विकास मिश्र पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद तत्कालीन विधायक विजय मिश्र को मध्य प्रदेश की आगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में विकास भी गिरफ्तार हो गया लेकिन विष्णु फरारी काटता रहा। उस पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने पर इनाम की धनराशि बढ़ाकर पचास हजार रुपये की गई। 22 जुलाई को इनाम की राशि एडीजी जोन वाराणसी ने बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी।

विष्णु मिश्र को एसटीएफ ने कोर्ट में पेश किया। - फोटो : अमर उजाला
ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र का बेटा और दुष्कर्म सहित एक लाख के इनामी घोषित विष्णु मिश्र को एसटीएफ ने कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को कोर्ट में पेश किया। सामूहिक दुष्कर्म और संपत्ति हड़पने के मामले में अलग-अलग कोर्ट में करीब दो घंटे से अधिक समय तक पेशी हुई। पुलिस ने कोर्ट से उसकी रिमांड मांगी लेकिन नहीं मिल सकी। अदालत ने विष्णु को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सुनवाई की अगली तारीख 12 अगस्त तय की गई। 

ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र के बेटे विष्णु मिश्र पर दुष्कर्म सहित संपत्ति हड़पने के मामले दर्ज हैं। वाराणसी एसटीएफ ने बुधवार की रात करीब नौ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच भदोही लेकर पहुंची। यहां के गोपीगंज थाने में उसकी आमद कराई गई।

कोर्ट परिसर में रही भारी गहमागहमी 

गुरुवार दोपहर उसे रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के मामले में एसीजेएम साधना गिरी और दुष्कर्म के मामले में सीजेएम सबीहा खातून की अदालत में पेश किया गया। आरोपी पक्ष अधिवक्ता आनंद शुक्ला ने बताया कि न्यायालय ने विष्णु मिश्र को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अभियोजक विजय कुमार श्रीवास्तव रहे। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर से लेकर अंदर तक गहमागहमी रही।

विष्णु मिश्र को रविवार को एसटीएफ वाराणसी की टीम ने पुणे के हड़पसर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पूर्व विधायक विजय मिश्र के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने वर्ष 2020 में गोपीगंज थाने में तहरीर देकर विजय मिश्र, उनके पुत्र विष्णु मिश्र सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था।

उसी साल सितंबर में वाराणसी की एक गायिका ने पूर्व विधायक, उनके पुत्र विष्णु मिश्र व पौत्र विकास मिश्र पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद तत्कालीन विधायक विजय मिश्र को मध्य प्रदेश की आगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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बाद में विकास भी गिरफ्तार हो गया लेकिन विष्णु फरारी काटता रहा। उस पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने पर इनाम की धनराशि बढ़ाकर पचास हजार रुपये की गई। 22 जुलाई को इनाम की राशि एडीजी जोन वाराणसी ने बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी।
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