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Bhadohi News: सही नहीं हुए आंधी से गिरे पोल व ट्रांसफार्मर, अंधेरे में सैकड़ों लोग

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बीते 30 मई को आए आंधी-तूफान को बीते दो सप्ताह हो चुके हैं। लेकिन सुरियावां के कई गांव में अब तक तूफान से ध्वस्त पोल व ट्रांसफार्मर को सही नहीं कराया जा सका है। दो सप्ताह से सैकड़ों परिवार अंधेरे में हैं। उनका कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच दो सप्ताह से लाइट न होने से लोग चौतरफा मुसीबत में पड़े हुए हैं। बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही सैंकड़ों परिवार के संकट का कारण बनी हुई है। जौनपुर सीमा से सटे सुरियावां ब्लॉक के दर्जनों गांव में बीते 30 मई को आंधी-तूफान कहर बनकर टूटा था। अचानक उठी आंधी और तूफान के साथ तेज बारिश ने अभिया, पूरेमनोहर, तुलापुर, बहादुरान, हरिपुर, कीर्तिपुर, जगजीत राय, पूरे खुशहाल, पूरे दरियावं, बहुता चकडाही सहित अन्य गांवों में सैकड़ों विशालकाय पेड़ों को ध्वस्त कर दिया था। वहीं गांवों में 32 से अधिक विद्युत पोल धराशायी हो गई थे। कई ट्रांसफार्मर भी जल गए थे। इसमें सबसे अधिक नुकसान पूरेमनोहर गांव के लोगों का हुआ था। गांव की मौर्य और प्रजापति बस्ती में दर्जनों पोल धराशायी हो गए थे। आंधी-तूफान की त्रासदी को बीते लगभग दो सप्ताह का समय हो चुका है, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से पूरे मनोहर गांव के दो बस्तियों में बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है। गांव में गिरे पोल को अभी तक सही नहीं कराया जा सका है। वहीं ट्रांसफार्मर अब तक जस का तस पड़ा हुआ है। गांव में पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारी ध्वस्त ट्रांसफार्मर के बगल में दो पोल खड़ा कर अपनी जिम्मेदारियों से भी हाथ खड़ा कर लिए हैं। एक तरफ गांव वालों के कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी में बिजली के बगैर उनका जीना मुहाल हो गया है। पेयजल का संकट अलग ही बना हुआ है।
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ग्रामीणों से गढ्ढा खुदवाने को बोले बिजली कर्मी
सुरियावां। गांव के रामदास, जीतेंद्र शुक्ला, विनय कुमार शुक्ला, राज कुमार, विजय शुक्ला, पंजाबी प्रजापति, श्याम हलवाई, पुरानी प्रजापति, राजेंद्र प्रताप, लालता, बरसाती, शीतला प्रसाद, नगीना देवी, नागेंद्र, संजय, संजू, गजाधर प्रजापति, गिरजा शंकर, बड़े लाल, रामसनेही, कन्हैयालाल, अमृतलाल, रामजतन, राजेश मौर्य, उमाशंकर, देवी प्रसाद आदि कनेक्शन धारी हैं। इन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 11000 की एक पोल की लाइन से जुड़े 25 हार्स पावर के ट्रांसफार्मर को खड़ा करके आपूर्ति बहाल की जानी है। इसके लिए हाइड्रा से चार गढ्ढे खुदवाने हैं। आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी ने ग्रामीणों को चार गढ्ढे खुदवाने के लिए कहा है। गढ्ढों के खुदवाने में आने वाले खर्च को लेकर उपभोक्ता सक्षम नहीं है। इससे मामला अटका हुआ है। ग्रामिणों ने कहा कि गढ्ढा खुदवाकर ट्रांसफार्मर नहीं लगवाया गया तो वे धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। संवाद

दो सप्ताह से बिजली न होने से भीषण गर्मी में जीना मुहाल हो गया है। पेयजल की संकट अलग से है। बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही हम लोगों के लिए भारी पड़ रही है। - जवाहर लाल, निवासी पूरेमनोहर।
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बिजली न होने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। खेत में नर्सरी डाली गई थी, जो पानी के बिना सूख रही है। उमस भरी गर्मी में हाल बेहाल है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। - कन्हैया, निवासी पूरेमनोहर।
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