ज्ञानपुर। रबी सीजन में गेहूं की बुआई के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन के निर्देश पर विभाग ने ढाई हजार एमटी का स्टाक रख लिया है। कई समितियों पर इसका वितरण भी शुरू हो गया है। भविष्य में दिक्कत न हो इसलिए एक रैक की मांग और भी की गई है। जिले में 50 हजार हेक्टेयर में रबी की खेती होनी है। धान की कटाई-मड़ाई शुरू हो चुकी है। नमी को देखते हुए किसान अगैती बुआई भी करने लगे हैं। पूर्व के वर्षो में बुआई के सीजन में डीएपी की दिक्कत से किसानों को परेशान होना पड़ता था, लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं होगा। पूर्व में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए सहकारिता और कृषि विभाग ने पहले ही स्टाक रख लिया है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह में बुआई तेज हो गई। 15 दिसंबर तक 5150 एमटी डीएपी की जरूरत पड़ती है, लेकिन विभाग के पास अभी तक 2450 एमटी मौजूद है। नवंबर में ही पांच हजार एमटी डीएपी आ जाएगी। उन्होंने बताया कि समितियों पर खाद का सही वितरण करने के लिए टीम गठित की गई है। जो समय-समय पर अनुश्रवण करेगी। गेहूं की बुआई से पूर्व उर्वरक की उपलब्धता को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी गंभीर है। बृहस्पतिवार को अवकाश के दिन भी जूम एप के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें सभी समितियों पर खाद की मौजूदगी, समिति के समय से खुलने और किसानों तक खाद पहुंचाने का निर्देश दिया। जिला कृषि अधिकारी, एआर सहकारिता सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि डीएपी वितरण की प्रतिदिन मानीटरिंग की जाए। कहीं भी मामला संदिग्ध मिले तो कार्रवाई की जाए। निजी दुकानों पर तय रेट पर ही डीएपी और बीज का वितरण कराने का भी निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि कहीं अगर कालाबाजारी की शिकायत मिले तो जांच कर कार्रवाई की जाए।