फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘गुलाबी’ हथिनी ने हैंडपंप का पिया पानी, टहलाकर खिलाया गया पीपल का पत्ता

विज्ञापन
वन विभाग कार्यालय पर हैंडपंप से हथिनी गुलाबी को पानी पिलाता महावत। संवाद - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
ज्ञानपुर। बगैर लाइसेंस के हथिनी रखने के आरोप में बीते दिनों बलभद्रपुर गांव से एक व्यक्ति को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था। उस समय व्यक्ति के पास से गुलाबी नाम की हथिनी भी बरामद की गई। लाइसेंस न होने का दावा करते हुए वन विभाग ने व्यक्ति का तो चालान कर दिया, लेकिन हाथी को अपने कब्जे में रखा है। 24 मई से ही हथिनी वन विभाग की अभिरक्षा में रेंज कार्यालय परिसर में ही एक पीपल के पेड़ के नीचे बंधी है। उसके स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़ने पाए इसके लिए वन विभाग के अधिकारी लगातार नजर रख रहे हैं। वहीं पशु चिकित्सा विभाग से भी नजर रखवायी जा रही है। बृहस्पतिवार को उसे हैंडपंप का पानी पिलाया गया और कुछ दूर तक टहलाया गया। उधर, अपनी हथिनी होने का दावा करने वाले धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि हथिनी को वहां ठीक से चारा नहीं मिल रहा है। जब हथिनी घर पर थी तो बीस किलो गेहूं, चारा, धान, चरी, पीपल का पत्ता आदि खिलाते थे। प्रतिदिन कम से कम 10 किमी उसको चलने के लिए चाहिए। अन्यथा हथिनी बीमार हो सकती है। आरोप लगाया कि वन विभाग ने अभी तक उसका स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया। उधर, वन विभाग के परिसर में बंधे हथिनी की देखरेख में महावत रंग बहादुर भी लगे हैं। उन्होंने बताया कि हथिनी को भरपेट चारा और पानी नहीं मिलेगा तो वह बैठ जाएगी। हथिनी यदि बैठ गई तो फिर उसे उठाना मुश्किल हो जाएगा। उधर, धर्मेंद्र तिवारी ने मामले का निस्तारण कर शीघ्र हथिनी दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें