ज्ञानपुर। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के करीब सात हजार लाभार्थियों की पेंशन आधार प्रमाणीकरण (सर्टीफिकेशन) के फेर में फंस गई है। 61 हजार 142 पेंशनरों में 54 हजार के खाते में ही साल की पहली किस्त जा सकी है। 7000 से अधिक की पेंशन इसकी वजह से रूक गई है।
ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उदासीनता से बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सरकार वृद्धा पेंशन योजना का लाभ देती है। हर तीसरे महीने में 1000 की दर से तीन हजार रुपये उनके खाते में भेजी जाती है। योजना में पारदर्शिता लाने के लिए शासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों के लिए संचालित वृद्धावस्था पेंशन को आधार से जोड़ते हुए उसका प्रमाणीकरण किया जाता है। देखा जाए तो पेंशन के लाभार्थियों को बैंक खातों को आधार कार्ड से जोड़ने और प्रमाणीकरण की कवायद बीते दो साल से चल रही है। विभागीय स्तर से आधार कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कई बार निर्देश और उसके बाद चेतावनी जारी की जा चुकी है। बावजूद कई लाभार्थियों की ओर से आधार कार्ड उपलब्ध कराने के प्रति कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इसके कारण वर्ष 2023 से ही प्रमाणीकरण न कराने वाले लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई है। वित्तीय वर्ष की पहली किस्त न मिलने से परेशान लाभार्थी ब्लॉक से लेकर जिला स्तर पर चक्कर काट रहे हैं।
कोट
आधार प्रमाणीकरण होने पर ही पेंशन की राशि खाते में जाएगी। वित्तीय वर्ष की पहली किस्त 54 हजार लाभार्थियों के खाते में गई है। जैसे-जैसे बचे हुए लाभार्थी प्रमाणीकरण करा लेंगे, उनके खाते में पैसा चला जाएगा। इसके लिए लाभार्थी बैंक पासबुक, आधार की फोटो कॉपी और मोबाइल नंबर लेकर विकास भवन स्थित कार्यालय या ब्लॉक कार्यालय में जाकर जमा कर सकते हैं।
ऐश्वर्य राज लक्ष्मी, जिला समाज कल्याण अधिकारी