ज्ञानपुर। कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर अब परिषदीय स्कूलों में भी अभिभावक हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। इसमें अभिभावकों को स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बच्चों की शैक्षिक प्रगति भी बताई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसको प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। अप्रैल से जुलाई तक इसको स्कूलों में व्यवस्थित करने का निर्देश दिया है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें एक लाख 65 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। सरकारी स्कूलों में योजनाओं के माध्यम से काफी परिवर्तन लाया जा चुका है, लेकिन अब भी कुछ गतिविधियां हैं, जो कान्वेट से कम हैं। इसके कारण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अभिभावक निजी स्कूलों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं। वजह इनमें हर महीने मासिक टेस्ट होता है। अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों के बारे में बताया जाता है, जबकि परिषदीय विद्यालयों में यह व्यवस्था नहीं है। अब परिषदीय विद्यालयों में हेल्प डेस्क बनाने की योजना तैयार हुई है। हेल्प डेस्क से सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार होगा। समग्र शिक्षा योजना, बेटी बचाओ, कन्या सुमंगला योजना आदि की जानकारियां दी जाएंगी। आउट ऑफ स्कूल बच्चों के बारे में अभिभावकों को बताया जाएगा। उनकी स्कूल में वापसी का प्रयास भी डेस्क के माध्यम से होगा। अभिभावकों की ओर से मिली शिकायतों का रिकार्ड सुरक्षित रखने के लिए रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए काफी प्रयास किया जा रहा है। बच्चों के बौद्धिक विकास में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए यह पहल की गई है। अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरुकता लाने के प्रयास ब्लॉक स्तर पर किए जा रहे हैं। सभी स्कूलों में हेल्प डेस्क बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं।