ज्ञानपुर/पाली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की नई संशोधित आरक्षण सूची ने कई प्रत्याशियों को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया है जबकि कुछ क्षेत्र बदलकर ताल ठोंकना शुरू कर दिए हैं। प्रधानी की तैयारी में जुटे कुछ उम्मीदवार आरक्षण की मार खाने के बाद अब बीडीसी और जिला पंचायत चुनाव की जमीन बनाने में जुट गए हैं। जिले की 26 जिला पंचायत, 546 ग्राम पंचायत, 661 क्षेत्र पंचायत और 6867 ग्राम पंचायत सदस्य की सीट पर चुनाव होना है। दो मार्च को जारी सूची पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया। जिसके बाद शनिवार को जिला प्रशासन ने नई संशोधित अनंतिम सूची जारी की। इसमें 50 फीसदी से अधिक ग्राम प्रधानी, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के सीटों में परिवर्तन हो गया। इस दौरान 18 दिनों से क्षेत्रों में भ्रमण कर अपनी जीत के लिए मतदाताओं से मिलने वाले प्रत्याशी धराशायी हो गए। जगह-जगह लगाए गए पोस्टर-बैनर जहां बेकार हो गए, वहीं दुकानों पर भी शोभा बढ़ा रहे हैं। अनंतिम सूची जारी होने के बाद प्रत्याशियों ने अंतिम सूची का इंतजार भी नहीं किया और पोस्टर, बैनर से लेकर अन्य गतिविधियों में तीन से पांच लाख तक खर्च कर दिए। सुरियावां के वार्ड सात, भदोही के वार्ड तीन, वार्ड 14 के बदले समीकरण में कई प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने की मंशा ही खत्म हो गई। नाम न छापने की शर्त पर प्रत्याशियों ने कहा कि ओबीसी था तो लड़ने का मन था अब सामान्य हो गया तो कहां लड़ पाएंगे। वहीं दूसरी ओर आरक्षण की मार खाने वाले प्रधानी के उम्मीदवार क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में अपनी जमीन तलाशने में जुट गए हैं।