एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के अंतिम चरण में भी उपभोक्ताओं की उदासीनता जारी है। अधिकारियों की ओर से घर-घर दस्तक देने के साथ जगह-जगह कैंप भी लगाया जा रहा है। इसके बावजूद पंजीकरण की प्रगति निराशाजनक है। चौथे चरण में अब तक महज 1,321 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है।
जनपद में कुल 1.86 लाख उपभोक्ता हैं, जो ओटीएस के लाभ की परिधि में हैं। योजना में पंजीकरण की अवधि 16 जनवरी तक है। योजना की शुरुआत आठ नवंबर को हुई थी। 30 नवंबर तक चले पहले चरण में महज छह प्रतिशत उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया था। वहीं एक दिसंबर से 15 दिसंबर तक संचालित दूसरे चरण में करीब 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया। तीसरे चरण में महज 16 प्रतिशत उपभोक्ता ही लाभान्वित हुए। उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करते हुए पावर कारपोरेशन ने चौथा चरण भी प्रदान कर दिया, लेकिन लोगो पर कोई प्रभाव नहीं है। एक्सईएन अभिषेक यादव ने बताया कि 31 दिसंबर तक 33651 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया था। इस मद में 16.20 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई थी। बताया कि चौथे व अंतिम चरण में 1321 उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं।