ज्ञानपुर। शासन की सख्ती के बाद भी प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की खराब प्रगति को लेकर डीएम आर्यका अखौरी सख्त हो गई हैं। सभी छह ब्लॉकों में खराब कार्य करने वाले 17 सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है जबकि भदोही के सचिव ऊदल को निलंबित किया गया। इससे विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई। छत विहीन परिवारों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना को चला रही है। इस योजना के तहत तीन किश्तों में लाभार्थी को करीब एक लाख 20 हजार रुपये दिया जाता है। जिले में अब तक 15 हजार से अधिक ग्रामीण आवास का आवंटन किया गया है, लेकिन 50 फीसदी भी पूर्ण नहीं हो सका है। जिससे दो से तीन साल पहले से पक्के छत की आस लगाए लोगों को तिरपाल और छप्पर में रहना पड़ रहा है। शासन के निर्देश पर डीएम आर्यका अखौरी ने पूर्व की बैठकों में आवास के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया था, लेकिन सचिव और ग्राम प्रधानों की मनमानी से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। ब्लॉक स्तर से आई रिपोर्ट के आधार पर ज्ञानपुर, भदोही, डीघ, अभोली, सुरियावां और औराई ब्लॉक तीन-तीन सचिवों को चिन्हित किया गया। सबसे खराब हालत होने पर भदोही के सचिव उदल को निलंबित कर दिया गया जबकि 17 सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सभी सचिवों को विभागीय कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिया गया है।