जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 79 पहुंच गई है। इसमें नौ मरीज महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल काॅलेज के अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। वहीं सीएचसी पर पांच-पांच बेड सुरक्षित करने के साथ मच्छरदानी लगाई गई है। जिससे भर्ती मरीजों का बेहतर उपचार किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को जांच और उपचार की सुविधा मुहैया कराने में जुटा है तो इधर साफ-सफाई और दवा छिड़काव को लेकर नगर निकाय एवं डीपीआरओ कार्यालयों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। स्थिति यह है कि नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं होने से संक्रामक बीमारी का फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
मौसम में हो रहा उतार चढ़ाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल और मियादी बुखार के साथ डेंगू के डंक का असर नगर सहित ग्रामीण इलाकों में पड़ता नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि ओपीडी से आपातकालीन कक्ष तक मरीजों की भीड़ लगी रह रही है। कमोवेश यही हाल निजी अस्पतालों का भी है, जहां मरीज भर्ती होकर अपना उपचार करा रहे हैं। खासकर शहर के विभिन्न मुहल्लों में स्थिति यह है कि घर-घर लोग बुखार से खाट पकड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की आंकड़ों की बात की जाए तो वर्तमान समय में यह आंकड़ा 79 पहुंच गई है, जिसमें से नौ मरीज भर्ती होकर अपना उपचार करा रहे हैं। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि भर्ती मरीजों का उपचार चल रहा है। बेड की आवश्यकता बढ़ने पर और भी बेड बढ़ाए जाएंगे।