भदोही। केंद्र सरकार ने निर्यात और आयात आंकड़ों के अपुष्ट प्रकाशन करने पर रोक लगा दी है। शीघ्र ही ऐसा कानून बनाने जा रही है, जिसमे ऐसा करने वालों को छह महीने की जेल भी हो सकती है। यह कदम कुछ तत्वों द्वारा अवैध रूप से कस्टम्स से लोगों के डाटा चोरी कर उन्हें व्यापारियों से बेचने की शिकायतें आने के बाद उठाया गया है। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन के मानद सचिव असलम महबूब ने भी प्रधानमंत्री से इसकी शिकायत करते हुए इस पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने की मांग की थी। सरकार द्वारा रविवार को इस पर सकारात्मक कदम उठाए जाने का उन्होंने स्वागत किया है। मानद सचिव ने बताया कि कोई निर्यातक नहीं चाहता कि उसके व्यवसायिक डाटा उसके प्रतिस्पर्धी के पास पहुंच जाए। लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व कस्टम्स से निर्यातकों के डाटा चोरी कर व्यापारियों को फोन कर उसे मामूली कीमत में बेचने का काम करते हैं। यह गंभीर मुद्दा है। बीते 14 अक्तूबर को उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से की थी और बताया था कि इस पर रोक लगाई जानी चाहिए क्योंकि इससे राष्ट्रीय क्षति होगी तथा पड़ोसी देश भी हमारे व्यापारिक संबंधों का लाभ उठा सकते हैं। मानद सचिव ने बताया कि उनके पत्र का प्रधानमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों से उस पर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही एकमा को भी उक्त आशय की जानकारी दी थी। कानून संबंधी जानकारी मिलने पर उनके साथ ही अन्य निर्यातकों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कालीन निर्यातक प्रधानमंत्री का आभारी हैं जो उन्होंने न केवल इसका त्वरित संज्ञान लिया बल्कि इस पर रोक लगाने के लिए ऐसे मामलों में अधिकतम छह महीने कारावास या 50 हजार रुपये का दण्ड हो सकता है।