ज्ञानपुर। रबी के बोआई सीजन में कृषि महकमा खाद-बीज की कालाजाबाजारी को लेकर अलर्ट हो गया है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने रविवार को जिले की तीनों तहसीलों में खाद-बीज की 30 दुकानों की जांच की। अधिकारियों ने रेट बोर्ड न लगाने और रजिस्टर अपूर्ण होने पर छह दुकानदारों को नोटिस जारी किया। इस दौरान बीज के 35 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। चेतावनी दी कि निर्धारित रेट पर खाद-बीज की बिक्री नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी। गेहं की बोआई चल रही है। सहकारी समितियों और इफको के केंद्रों पर जहां डीएपी के लिए भीड़ लग रही है, वहीं राजकीय कृषि बीज भंडार पर अनुदानित बीज लेने के लिए किसान पहुंच रहे हैं लेकिन आपूर्ति कम होने से बीज के लिए किसानों को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ दुकानदार तय रेट से अधिक कीमत लेने का प्रयास करते हैं। किसानों को दिक्कत न हो, इसलिए डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई है। रविवार को जिला कृषि अधिकारी ईरम ने औराई तहसील, उप कृषि निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ज्ञानपुर और अपर जिला कृषि अधिकारी अजीत कुमार ने टीम के साथ भदोही तहसील क्षेत्र में दुकानों की जांच की। इससे विक्रेताओं में खलबली मची रही। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि गठित टीम ने तीनों तहसील क्षेत्र की कुल 30 दुकानों पर जांच की। डीएपी, एनपीके के स्टॉक, बीज की गुणवत्ता आदि को देखा गया। इस दौरान जांच के लिए 35 बीजों के नमूने लिए गए। इस दौरान रेट बोर्ड न लगाने और रजिस्टर अपूर्ण होने पर पांडेय ट्रेडर्स औराई, जायसवाल बीज भंडार नरथुआं, शुक्ला बीज भंडार मोढ़, मौर्य बीज भंडार चौरी समेत छह बीज-खाद विक्रेताओं को नोटिस दिया गया। चेतावनी दी कि कोई भी दुकानदार बिना पंजीयन बीज-खाद की बिक्री करेगा तो कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लक्ष्य से ज्यादा डीएपी किसानों में वितरित होने के लिए आया है। किसान साधन सहकारी समितियों एवं पंजीकृत दुकानों से डीएपी और गेहूं बीज प्राप्त कर सकते हैं।