ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक के बेरवा पहाड़पुर गांव में अमृत सरोवर निर्माण में धांधली की शिकायत की जांच के बाद बीईओ दिवाकर सिंह ने प्रधान रेनू पांडेय, तत्कालीन सचिव इंदरराम व तकनीकी सहायक रमाकांत मौर्य के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बीडीओ ने प्रधान और दो सचिवों से 12.18 लाख रुपये की वसूली नोटिस जारी किया है। बीडीओ ने एक सप्ताह में धनराशि जमा करने के आदेश दिए हैं। डीघ ब्लॉक के बेरवा पहाड़पुर आरटीआई कार्यकर्ता मुनीश पांडेय ने 26 जुलाई 2025 को गांव में अमृत सरोवर निर्माण में धांधली की शिकायत डीएम से की। डीएम ने एसडीएम ज्ञानपुर को जांच रिपोर्ट सौंपी। एसडीएम ने तहसीलदार को जांच सौंपी। जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर अमृत सरोवर के निर्माण की बात कही गई है। वहां किसी प्रकार का कोई निर्माण नहीं हुआ है। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम को पत्रावली सौंपी। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान रेनू पांडेय सहित तत्कालीन सचिव इंदरराम और तकनीकी सहायक रमाकांत मौर्य से जवाब मांगा। उचित जवाब नहीं मिलने पर प्रधान रेनू, सचिव और तकनीकी सहायक से बराबर-बराबर 4.62 लाख कुल 12.18 लाख रुपये वसूलने के निर्देश दिए। वसूली नहीं होने पर मामले में आरटीआई कार्यकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने तत्काल वसूली कराने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर बीडीओ ने तीनों के खिलाफ वसूली नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में धनराशि जमा करने के आदेश दिए हैं।