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सुबह 9:46 तक सौ शैय्या अस्पताल में एक भी डॉक्टर ने नहीं दिए दस्तक

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सुबह 09.25 बजे, स्थान मुख्यालय के ठीक सामने स्थित सौ शैय्या चिकित्सालय में अमर उजाला की टीम दाखिल हुई। अस्पताल परिसर मेंं मरीजों की चहल-पहले दिखी। ओपीडी में चिकित्सक नहीं दिखे। मरीज घंटों चिकित्सक का इंतजार करते रहे। अस्पताल में सुबह 9.40 बजे तक एक भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए थे। जबकि अस्पतालों में सुबह आठ बजे ओपीडी शुरू करने का शासनादेश है।
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शासन की ओर से सरकारी चिकित्सालयों में सुविधाओं व संसाधनों के विस्तार को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही प्रयासों पर पलीता लगा दे रहे हैं। शासन व प्रशासन की ओर से ओपीडी में चिकित्सकों को समय से बैठने का सख्त निर्देश है। इसके बाद ीाभी चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। चिकित्सालयों में चिकित्सकाें की लेटलतीफी रोज का किस्सा है। डॉक्टरों को सीसीटीवी कैमरे का भय नहीं है। चिकित्सालयों की ओपीडी आठ बजे से शुरू करने का शासनादेश है। सौ शैय्या चिकित्सालय में आठ चिकित्सक के साथ तीन फार्मासिस्ट, 19 सिस्टर और एक फियोथेरीपिस्ट सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। सफाईकर्मियों व परिचारक को छोड़कर सुबह 9.30 बजे तक एक भी स्वास्थ्यकर्मचारी अस्पताल में नहीं पहुंचे थे। ओपीडी और पर्ची काउंटर खुल गए थे। यहां जिम्मेदारों की कुर्सियां खाली थीं। कई मरीज घंटों इंतजार के बाद लौट गए। फार्मासिस्ट विक्रांत यादव, सिस्टर सरोज धूलिया, माग्रेट, शशिलता पटेल, रानु मौर्य, जावेद अख्तर को छोड़कर पौने दस बजे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचे थे।

प्रतिक्रिया।
पिछले कई दिनों से पैर व बदन दर्द से पीड़ित हूं। बड़ी मुश्किल से रात बीती है। सुबह नौ बजे अस्पताल में आया। मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। - उमाशंकर मौर्य, बाबूसराय।
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कई दिनों से हरारत है, सुबह सौ शैय्या अस्पताल आया तो पता चला कि यहां चिकित्सक दस बजे के पहले नहीं आते हैं। दवा लेना था तो घंटों बैठना पड़ा। - सूर्यकांत मिश्र, कांवल

पाेते को बुखार है और पेट में दर्द होने की शिकातय है। बच्चे को अस्पताल दिखाने आई हूं,। मौके पर कोई चिकित्सक नही मिला। - रानी देवी, जोरई

खांसी, बुखार और बदन दर्द की शिकायत है। उपचार कराने अस्पताल आया हूं। ओपडी में कोई डाॅक्टर ही नहीं मिले । दूसरे डाॅक्टर को दिखाएंगे। - होरीलाल, वीरापट्टी

वर्जन
चिकित्सक समय से ओपीडी में बैठे और मरीजों को जांच पड़ताल कर दवाएं उपलब्ध कराएं। यदि कोई चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं बैठते हैं तो गलत बात है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डाॅ. सुशील शुक्ला, प्रभारी सीएमएस
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