सीतामढ़ी। किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है। नहरों में क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने एवं नहर विभाग के अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ गुरुवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। कहा कि पानी न आने से धान की रोपाई बाधित हो रही है। आरोप लगाया कि जो थोड़ा बहुत पानी छोड़ा भी जा रहा है वह भी नहरों में घास फूस के कारण किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। मजबूरी में किसान इंजन पंप सेट के माध्यम से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं लेकिन विभागीय अधिकारी किसानों के डीजल पंप सेट को भी नहर में लगाने से मना कर मुकदमा की धमकी दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि विभागीय जेई नहरों पर नहीं आते हैं जिससे समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। बारीपुर के किसान पुरुषोत्तम ने बताया कि वह नहर से डीजल पंप सेट के जरिये अपने खेत की सिंचाई कर रहे थे लेकिन विभाग के अधिकारी पहुंच कर डीजल पंप सेट को बंद करा दिया और उनके ऊपर मुकदमा करने की धमकी दी। किसानों का कहना है कि अगर नहर में क्षमता से पानी छोड़ा जाता तो किसान खेतों की सिंचाई डीजल पंप से क्यों करते। बता दें कि बारीपुर, सीतामढ़ी माइनर सहित डीघ रजवाहा में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नहरों में पानी की कमी से नाराज किसानों ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी से मांग की है कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाए। प्रदर्शन करनेे वालों में पुरुषोत्तम दलित, लालचंद पाल, मानिक चंद शुक्ल, विश्वनाथ, रामचरित, सचिन शुक्ल आदि किसान रहेे।